बांस प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी केंद्र बना ग्रामीण विकास की नई मिसाल
रिपोर्ट :- रामकृष्ण सेलिया
बांस प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी केंद्र बना ग्रामीण विकास की नई मिसाल
छिदगांव, टिमरनी में बांस आधारित रोजगार और तकनीक को मिल रही नई पहचान
बासकारी हरदा
मध्य प्रदेश शासन के सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट विभाग, भोपाल के अंतर्गत संचालित बांस प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी केंद्र आज ग्रामीण विकास, नवाचार और रोजगार सृजन का एक सशक्त मॉडल बनकर उभर रहा है। यह केंद्र ग्राम छिदगांव, तहसील टिमरनी, जिला हरदा में स्थित है, जहाँ बांस आधारित प्रशिक्षण, अनुसंधान और तकनीकी विकास के कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं।
बांस आधारित स्वरोजगार को मिल रहा बढ़ावा
इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और कारीगरों को बांस शिल्प, आधुनिक तकनीक, डिजाइन विकास और विपणन से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से बांस से बने उत्पादों जैसे —
घरेलू उपयोग की वस्तुएँ
फर्नीचर
हस्तशिल्प सामग्री
सजावटी एवं व्यावसायिक उत्पाद
का निर्माण सिखाया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
अनुसंधान और नवाचार पर विशेष फोकस
बांस प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी केंद्र में केवल पारंपरिक शिल्प तक सीमित न रहते हुए अनुसंधान एवं नवाचार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बांस के टिकाऊ उपयोग, उसकी मजबूती, दीर्घकालिक संरक्षण और नई तकनीकों पर रिसर्च कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत सरकार का विशेष प्रोत्साहन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से यहां आधुनिक उपकरण, तकनीकी प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों को नई गति मिली है, जिससे बांस उद्योग को संगठित स्वरूप मिल रहा है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
यह केंद्र आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को ज़मीनी स्तर पर साकार कर रहा है। ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन से रोकने में भी यह केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है।
स्थानीय लोगों में उत्साह
केंद्र की गतिविधियों से स्थानीय ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवक-युवतियाँ अब बांस आधारित कार्यों को व्यवसाय के रूप में अपनाने लगे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।
भविष्य की योजनाएँ
आने वाले समय में बांस प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी केंद्र को राज्य स्तरीय मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जहाँ प्रदेश के अन्य जिलों से भी प्रशिक्षणार्थी आकर आधुनिक बांस तकनीक सीख सकेंगे