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बीएम कॉलेज की प्रिंसिपल को जिंदा जलाने की घटना के मुख्य गवाह प्रोफेसर विजय पटेल ने थोड़ा इंदौर

रामकृष्ण सेलिया की रिपोर्ट

इंदौर में बीएम कॉलेज की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा केस के मुख्य गवाह प्रोफेसर विजय पटेल ने इंदौर छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक वजह से वे गुजरात जा रहे हैं। बता दें कि जिस आरोपी स्टूडेंट ने प्रिंसिपल को कॉलेज कैंपस में जिंदा जलाकर मारा था, उसने इससे पहले प्रोफेसर पटेल पर भी चाकू से हमला किया था। ये केस भी महू कोर्ट में चल रहा है।

पटेल ने कहा कि ‘मैंने बीएम कॉलेज से रिजाइन कर दिया है। पिताजी का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है, इसलिए मैं जॉब छोड़कर जा रहा हूं और कोई कारण नहीं है। मूल रूप से गुजरात का हूं, इसलिए वहीं जा रहा हूं। ये तो बहुत पहले से प्लान था। अक्टूबर में पिताजी को स्ट्रोक हो गया था। मैं अकेला ही हूं, घर में मेरे कोई भाई नहीं है। मुझे उनके पास ही शिफ्ट होना था और ये सारी चीजें साथ हो गईं। माता-पिता यहां नहीं आ सकते, उन्हें गुजरात में ही अच्छा लगता है, इसलिए हम वहां शिफ्ट हो रहे हैं।’

आरोपी आशुतोष बीफार्मा की फाइनल मार्कशीट जल्द से जल्द लेना चाहता था। वह जून 2022 से ही प्रिंसिपल और प्रोफेसर को लगातार धमकियां दे रहा था। इसके बाद अक्टूबर में उसने प्रोफेसर पटेल पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया। प्रोफेसर पटेल ने आशुतोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।

नवंबर में प्रोफेसर ने उसे मार्कशीट ले जाने के लिए कहा था। इस पर आशुतोष ने कहा कि अब बात मार्कशीट की नहीं है, वो अपना केस वापस ले। वरना अच्छा नहीं होगा। उसकी धमकी से प्रोफेसर पटेल ने डरने से मना कर दिया और केस में सजा कराने की बात कही थी। जब वह नहीं माने तो आशुतोष ने प्रिंसिपल से कहा कि वो प्रोफेसर पटेल से बोलकर केस वापस करवाए। इस पर प्रिंसिपल ने भी उसे मना कर दिया। इसी की खुन्नस वह प्रिंसिपल शर्मा से भी रखने लगा था।

प्रिंसिपल पर पेट्रोल डालकर जलाने की घटना वाले दिन भी आशुतोष ने सुबह प्रोफेसर को फोन किया था और केस में समझौता करने के लिए आखिरी बार दबाव बनाया था। प्रोफेसर से मिलने के लिए आशुतोष कॉलेज गया था लेकिन वो नहीं मिले। इसके बाद आशुतोष पेशी पर महू कोर्ट चला गया। वहां से लौटने के बाद उसने ठान लिया कि वह प्रिंसिपल को मार देगा। वह अपने साथ पेट्रोल लेकर कॉलेज पहुंचा और कार से घर के लिए निकली प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा को कॉलेज परिसर में रोका। उन पर बाल्टी से पेट्रोल डालकर लाइटर से आग लगा दी थी। इसमें प्रिंसिपल शर्मा की कुछ दिन इलाज के बाद अस्पताल में मौत हो गई थी।

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