निवाड़ी जिला आस्था, पर्यटन एवं ग्रामीण संस्कृति का जीवंत अनुभव मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से बने होमस्टे में बुंदेली संस्कृति से परिचित हो रहे श्रद्धालु
महेश चन्द्र केवट की रिपोर्ट
निवाड़ी जिला आस्था, पर्यटन एवं ग्रामीण संस्कृति का जीवंत अनुभव मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से बने होमस्टे में बुंदेली संस्कृति से परिचित हो रहे श्रद्धालु
निवाड़ी 31 दिसंबर 2024
निवाड़ी। निवाड़ी जिला मध्यप्रदेश में अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। जिले में देश-विदेश के पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसा गंतव्य है, जहाँ आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ गौरवशाली विरासत और लोक-संस्कृति का सजीव अनुभव प्राप्त होता है। जिले की पहचान विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी ओरछा से है, जहाँ भगवान श्रीराम को राजा के रूप में माना जाता है। यहां स्थित श्री रामराजा मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, ऐतिहासिक जहांगीर महल, लक्ष्मीनारायण मंदिर, राय प्रवीण महल, बेतवा नदी स्थित छतरियां, किला परिसर आदि पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही जिले को ग्रामीण पर्यटन के रूप में एक विशेष पहचान मिली है।यहां मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से ओरछा के लाडपुरा खास, राधापुर एवं बागान गांवों में होमस्टे संचालित हो रहे हैं। जहां पर्यटक बुंदेली संस्कृति, पारंपरिक खानपान, लोक-कलाओं एवं आतिथ्य के माध्यम से ग्रामीण जीवन से परिचित हो रहे हैं। इसके साथ ही गढ़कुंडार किला, अछरू माता मंदिर, गिद्ध वाहिनी मंदिर, तारा माई मंदिर आदि भी जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। यह स्थल इतिहास, प्रकृति एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
निवाड़ी जिल में स्थित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थल :
1.श्री रामराजा मंदिर : भारत का एकमात्र मंदिर जहाँ भगवान श्रीराम की राजा के रूप में पूजा होती है। प्रतिदिन गार्ड ऑफ ऑनर की अनूठी परंपरा इस मंदिर को विशेष बनाती है। यह मंदिर आस्था, अनुशासन और भक्ति का प्रमुख केंद्र है।
2.चतुर्भुज मंदिर : ऊँचे शिखरों और भव्य स्थापत्य के लिए प्रसिद्ध चतुर्भुज मंदिर ओरछा की ऐतिहासिक पहचान है। इसे रामराजा मंदिर के लिए बनाया गया था। यहाँ से पूरे नगर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है।
3.जहांगीर महल : जहांगीर के स्वागत में निर्मित यह महल मुगल एवं बुंदेला स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी झरोखेदार संरचना और भव्यता पर्यटकों को ओरछा के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराती है।
4.लक्ष्मीनारायण मंदिर : यह मंदिर दुर्ग एवं मंदिर शैली का अनोखा संगम है। इसकी दीवारों पर बने भित्ति चित्र धार्मिक, ऐतिहासिक और सामाजिक कथाओं को दर्शाते हैं। यहाँ से ओरछा और बेतवा नदी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।
5.गढ़कुंडार किला : गढ़कुंडार किला बुंदेलखंड की वीरता और सैन्य इतिहास का प्रतीक है। प्राकृतिक पहाड़ियों से घिरा यह किला रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। इसकी मजबूत दीवारें और संरचना इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करती हैं।
6.अछरू माता मंदिर : यह प्राचीन मंदिर स्थानीय जनआस्था का प्रमुख केंद्र है। प्राकृतिक परिवेश में स्थित अछरू माता मंदिर श्रद्धालुओं को शांति और विश्वास का अनुभव कराता है। नवरात्रि एवं विशेष अवसरों पर यहाँ भक्तों की भीड़ रहती है।
7.गिद्ध वाहिनी मंदिर : माँ दुर्गा के एक स्वरूप को समर्पित गिद्ध वाहिनी मंदिर आस्था और पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा है। शांत एवं प्राकृतिक वातावरण में स्थित यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति प्रदान करता है।
8.तारा माई मंदिर : तारा माई मंदिर प्राचीन धार्मिक आस्था का प्रतीक है। ऊँचाई पर स्थित होने के कारण यहाँ से आसपास का दृश्य आकर्षक दिखाई देता है। यह मंदिर श्रद्धा, विश्वास और स्थानीय संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है।
पर्यटन आधारभूत संरचनाओं का विकास तीव्र गति से हो रहा है – कलेक्टर
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि निवाड़ी जिला पर्यटन एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ओरछा स्थित रामराजा लोक परियोजना के साथ-साथ जिले में पर्यटन आधारभूत संरचनाओं का विकास तीव्र गति से किया जा रहा है। सड़क, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, दर्शन सुविधाएँ एवं पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित अनुभव प्राप्त हो सके।
स्थानीय नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है –
जिला पंचायत सीईओ एवं प्रभारी अधिकारी डीएटीसीसी श्री रोहन सक्सेना ने बताया कि जिले में पर्यटन विकास हेतु विभिन्न परियोजनाएँ प्रगतिरत हैं। ग्रामीण पर्यटन एवं होमस्टे योजना के अंतर्गत स्थानीय नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। रामराजा लोक सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ हो रही है।
