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डीपीआईएस धामनोद में मनाया गया ‘अनुशासन, एकता और समर्पण’ के अभ्यास का उत्सव 77वाँ गणतंत्र दिवस

धार सौभाग प्रजापती की रिपोर्ट

डीपीआईएस धामनोद में मनाया गया ‘अनुशासन, एकता और समर्पण’ के अभ्यास का उत्सव 77वाँ गणतंत्र दिवस

गणतंत्र केवल अधिकारों का उत्सव नहीं, यह अनुशासन एकता और समर्पण का अभ्यास है। इस बात को सार्थक करते हुए दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल में देश के 77 वें गणतंत्र दिवस उत्सव का शुभारंभ किया गया। आज के इस कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक गण, प्रधानाचार्य,उपप्रधानाचार्या उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता को माल्यार्पण कर पूजन के द्वारा की गई ।तत्पश्चात विद्यालय के संचालक गण प्रधानाचार्य उप प्रधानाचार्या द्वारा ध्वजारोहण किया गया। सभी ने तिरंगे के समक्ष नतमस्तक होकर अपने कर्तव्यों का स्मरण किया। तिरंगा हमें स्मरण कराता है कि हमारी पहचान रंगों से नहीं, कर्तव्यों से होती है।

ध्वजारोहण के पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत बैजेस के द्वारा किया गया। विद्यालय के काउंसिल मेंबर्स एवं छात्र-छात्राओं के द्वारा कदमताल का प्रदर्शन किया गया। जब स्वर में देश बस जाए तो गीत राष्ट्रगान बन जाता है’ इसी बात को सार्थक करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा एक बहुत ही सुंदर एवं मनमोहक राष्ट्र भक्ति गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में विद्यालय की छात्राओं द्वारा देश के प्रति अपने कर्तव्य ,अनुशासन को याद करते हुए, भारतीय एवं अच्छे नागरिक होने पर गर्व करते हुए बहुत ही भावपूर्ण भाषण दिया गया।अगली कड़ी में छात्राओंके द्वारा कराटे की प्रस्तुति दी गई। यह केवल एक प्रस्तुति ही नहीं ऊर्जा ,आत्मविश्वास और हुनर से भरा हुआ एक ऐसा कार्यक्रम जिससे बालिकाओं के मनोबल को बढ़ावा मिलता है। देश के वीर पुरुषों एवं शहीदों को याद करते हुए एक बहुत ही सुंदर नृत्य की प्रस्तुति विद्यार्थियों के द्वारा दी गई ।जिसमें उन्होंने देश के सिपाहियों, वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उनके बलिदान को याद किया। इस प्रस्तुति ने सभी की आँखों को नम कर दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरज जायसवाल ने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि “गणतंत्र दिवस एक पर्व नहीं है ,बल्कि यह हमें प्रत्येक वर्ष अपने कर्तव्यों, अधिकारों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि हमारा गणतंत्र देश का सबसे बड़ा गणतंत्र माना जाता है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए एवं अधिकारों के साथ-साथ देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी ईमानदारी से करना चाहिए।” अंत में सभी विद्यार्थियों को सच्चे और जिम्मेदार नागरिक बनने, देश के नियमों का सम्मान करने एवं समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान देने और एक बेहतर, मजबूत और उज्जवल भारत का निर्माण करने के लिए खुद को तैयार करने की शपथ दिलाई गई और उन्हें यह एहसास दिलाया कि भारत का भविष्य अब इन्हीं नन्हें हाथों में है।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका आकांक्षा चौहान एवं सुहानी सोनी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं, स्पोर्ट्स टीचर, म्यूजिक टीचर, आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर सभी का सहयोग रहा। पूरा कार्यक्रम प्रधानाचार्य श्री धीरज जायसवाल ,उप प्रधानाचार्या श्रीमती उषा यादव, कोऑर्डिनेटर रफीक अंसारी एवं गौरव दुबे के मार्गदर्शन में तैयार किया गया।

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