भोपालमध्य प्रदेश

विजय गुप्ता करोड़ो अवैध संपत्ति के मालिक नियम विरुद्ध पदोन्नति से प्रमुख अभियंता बने

भोपाल मध्यप्रदेश

विजय गुप्ता करोड़ो अवैध संपत्ति के मालिक नियम विरुद्ध पदोन्नति से प्रमुख अभियंता बने

भोपाल / शासन के बनाए गए नियमों की धज्जियां किस प्रकार उड़ाई जा रही है प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में नियम विरुद्ध जूनियर को प्रमुख अभियंता बनाया गया है जबकि शासन नियम अनुसार विजय गुप्ता पायदान में पांच नंबर पर है और सबसे बड़ी बात यह है कि पंचायत ग्रामीण विभाग मंत्रालय का पत्र क्रमांक .615 दिनांक 22/6/25 के द्वारा अवर सचिव के द्वारा पत्र के माध्यम से प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिक विभाग को निर्देशित किया गया है उसके बाद भी पंचायत विभाग के द्वारा नियमों को बना कर उसकी की अवेहलना स्वयं के द्वारा की जा रही है जबकि ऐसा लग रहा है कि मध्य प्रदेश शासन केवल दिखावे के नियम बना कर उसकी धज्जियां उड़ाई रही है नियम के अंतर्गत सीनियर अधिकारी जूनियर के नीचे काम करने में बड़ा हल्का महसूस कर रहे है बंद जुबान में बहुत आक्रोश हो रहा है पर मोन हो कर चुभ बैठे है जबकि पूर्व में भी विजय गुप्ता की पदोन्नति को लेकर मुख्य सचिव कार्यालय के पत्र क्रमांक. 108882 दिनांक 6/6/15 को भी अपर मुख्यसचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था स्पष्ट उल्लेख किया गया वहीं लोक सेवा आयोग के पत्र क्रमांक 514 515 दिनांक 12/1/2000 के माध्यम से विजय गुप्ता की गलत पदोन्नति को लेकर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को आयोग के द्वारा निर्देशित किया गया था और प्रकार में की गई कार्यवाही से का कहां गया था पर सभी नियमों को हटाकर विजय गुप्ता को पंचायत विभाग के महत्पूर्ण विभाग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के प्रमुख अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया है फर्जी कामों में निपूर्ण विजय गुप्ता ने करोड़ो की संपति अर्जित की जो एक बड़े जांच का गंभीर विषय है सूत्रों के हवाले से जानकारी प्राप्त हुई है कि भोपाल में करोड़ो की जमीनों में इनवेस्टमेंट करा हुआ है ऐसे कई संपति के मालिक बने हुए है बताया जाता है कि भ्रष्टाचार के रुपए के दम पर सभी जांच नहीं होने देते है ऐसा विभाग के कई गुप्ता है अगर प्रदेश के मुखिया मोहन सरकार ईमानदारी से जांच बैठाए तो कई बड़े बड़े विभाग के राज खुल सकते है और दूध का दूध पानी का पानी सामने आ जाएगा यह विषय बहुत गंभीरता से मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री ले रहे है बताया जाता है कि अतिशीघ्र शिकायत के आधार पर जांच टीम बनने जा रही है लोक आयुक्त से लेकर शासन की कई एजेंसी से जांच होने के संकेत प्राप्त हो रहे है

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