कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षा, सिंचाई, परिवहन और किसान योजनाओं को मिली रफ्तार ₹42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंजूर
कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षा, सिंचाई, परिवहन और किसान योजनाओं को मिली रफ्तार ₹42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंजूर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े ₹42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में शिक्षा, परिवहन, सिंचाई, कृषि और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेष जोर रहा।
*समग्र शिक्षा को ₹36,006 करोड़*
समग्र शिक्षा योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹36,006.22 करोड़ स्वीकृत किए गए। योजना पूर्व-प्राथमिक से कक्षा 12 तक शिक्षा, समावेशन, व्यावसायिक शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करेगी।
*परिवहन ढांचे पर ₹1,166 करोड़*
परिवहन विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए ₹1,166.60 करोड़ मंजूर हुए। इसमें उड़नदस्ता, चेक पॉइंट, जिला स्थापना, स्मार्ट कार्ड, कार्यालय भवन और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। महिला सुरक्षा और ग्रामीण परिवहन को भी महत्व मिला।
*उद्यानिकी योजनाओं की निरंतरता*
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ योजनाओं के लिए 2026-31 तक ₹491 करोड़ स्वीकृत किए गए। फल पौधरोपण, मसाला क्षेत्र विस्तार, संरक्षित खेती, फसल बीमा और कोल्ड चेन को इससे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
*सिंचाई परियोजनाओं को बड़ी मंजूरी*
चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए ₹11.49 करोड़, गौंड वृहद सिंचाई परियोजना के लिए ₹749.62 करोड़ और चितावद परियोजना के लिए ₹1,846.05 करोड़ मंजूर हुए। इससे हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी।
*नए जिलों में खनिज शाखाएं मजबूत होंगी*
मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में खनिज शाखाओं के लिए 21 नए पद स्वीकृत किए गए। प्रत्येक जिले में सात पद होंगे। वहीं अनूपपुर और शहडोल के चार उन्नयित विद्यालयों के लिए 36 नियमित पद मंजूर हुए।
*लाड़ली बहना और मार्कफेड को राहत*
कैबिनेट ने लाड़ली बहना योजना में अगस्त की सहायता के साथ रक्षाबंधन पर ₹250 की अतिरिक्त राशि देने संबंधी आदेश का अनुसमर्थन किया। मार्कफेड को ₹2,220.62 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण भी मंजूर किया गया।
*फैसलों का व्यापक असर*
कैबिनेट के निर्णयों से शिक्षा की गुणवत्ता, कृषि आय, सिंचाई क्षमता, परिवहन सुविधाओं और प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।