भोपालमध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तिरुपति-श्रीकालहस्ती यात्रा के लिए आवेदन आमंत्रित 18 दिसंबर तक जमा किए जा सकते हैं आवेदन, जिले के लिए 150 यात्रियों का लक्ष्य निर्धारित

निवाडी से महेश चन्द्र केवट की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तिरुपति-श्रीकालहस्ती यात्रा के लिए आवेदन आमंत्रित

18 दिसंबर तक जमा किए जा सकते हैं आवेदन, जिले के लिए 150 यात्रियों का लक्ष्य निर्धारित

मध्यप्रदेश शासन के धर्मस्व विभाग के निर्देशानुसार ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के अंतर्गत निवाड़ी जिले के वरिष्ठ नागरिकों को तिरुपति-श्रीकालहस्ती की तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, निवाड़ी द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

यात्रा का विवरण और तिथियां

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह यात्रा 01 जनवरी 2026 से 07 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। इस यात्रा के लिए निवाड़ी जिले को 150 यात्रियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक और पात्र नागरिक इस यात्रा के लिए 18 दिसंबर 2025 तक अपने आवेदन पत्र संबंधित जनपद कार्यालय या मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यालय में दो प्रतियों में जमा कर सकते हैं।

पात्रता और शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित शर्तें निर्धारित की हैं:

आयु सीमा: आवेदक मध्यप्रदेश का वरिष्ठ नागरिक होना चाहिए (60 वर्ष या उससे अधिक)। महिलाओं के लिए आयु में 2 वर्ष की छूट (58 वर्ष) है। आवेदक आयकरदाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए।

स्वास्थ्य: आवेदक शारीरिक और मानसिक रूप से यात्रा के लिए सक्षम होना चाहिए। टी.बी., हृदय रोग, श्वास रोग या किसी संक्रामक बीमारी से ग्रसित नहीं होना चाहिए। इसके लिए शासकीय चिकित्सक का प्रमाण पत्र अनिवार्य है।

पूर्व यात्रा: आवेदक ने इस योजना के तहत पहले कभी यात्रा न की हो।

आवेदक के पास निवाड़ी जिले का मूल निवासी होने का प्रमाण (वोटर आईडी या आधार कार्ड) होना अनिवार्य है।

सहायक (Attendant) संबंधी नियम

65 वर्ष से अधिक उम्र के अकेले यात्री या 65 वर्ष से अधिक आयु के पति-पत्नी (यदि साथ यात्रा कर रहे हों) एक सहायक ले जा सकते हैं।

दिव्यांगजन (60% विकलांगता) के लिए आयु का बंधन नहीं है और वे भी अपने साथ एक सहायक ले जा सकते हैं। सहायक की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह नजदीकी रिश्तेदार होना चाहिए।

चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन में कोई जानकारी असत्य पाई जाती है या तथ्य छुपाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति को योजना के लाभों से वंचित किया जाएगा और यात्रा व्यय की वसूली के साथ विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।

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