भोपालमध्य प्रदेश

मां नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद में विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं कृषि व उद्यानिकी क्षेत्र के अनुभवी प्रशिक्षक श्री अनूप सैनी रहे।

धार धामनोद से सौभाग प्रजापती की रिपोर्ट

मां नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद में मशरूम उत्पादन कार्यशाला का आयोजन

मां नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद में विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं कृषि व उद्यानिकी क्षेत्र के अनुभवी प्रशिक्षक श्री अनूप सैनी रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. मनोज नाहर एवं निर्देशिका श्रीमती रीना नाहर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ **मां शारदा–सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ किया गया।

इसके पश्चात मुख्य अतिथि श्री अनूप सैनी ने मशरूम उत्पादन के महत्व, उसकी पोषणीय उपयोगिता, कम लागत में अधिक लाभ तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार की व्यापक संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि “मशरूम उत्पादन आज के समय में युवाओं के लिए सशक्त आजीविका का माध्यम बन सकता है। कम स्थान, कम समय और न्यूनतम निवेश में इससे अच्छा लाभ अर्जित किया जा सकता है।”

अध्यक्षीय संबोधन में नाहर ने कहा कि “इस प्रकार की व्यावहारिक कार्यशालाएं विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन के कौशल प्रदान करती हैं।”

वहीं रीना नाहर ने बताया कि महाविद्यालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है और मशरूम उत्पादन जैसे प्रशिक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कार्यशाला के दौरान प्रस्तुति के पश्चात व्यावहारिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकल)भी कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझा एवं प्रयोगात्मक ज्ञान प्राप्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रिया त्रिवेदी ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि “रोजगारोन्मुख एवं व्यावहारिक कार्यशालाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। मशरूम उत्पादन जैसे प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।”उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. जागृति पटेल के निर्देशन में प्रियंशी पाटीदार एवं पलक सोलंकी द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। अंत में आभार प्रदर्शन कर अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।

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