निर्वाचन नामावली का गहन पुनरीक्षण 2003 के डाटा एवं वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली में सम्मलित मतदाताओं के विवरण की मैपिंग के संबंध में बैठक आयोजित —
निवाड़ी से महेश चन्द्र केवट की रिपोर्ट
निर्वाचन नामावली का गहन पुनरीक्षण 2003 के डाटा एवं वर्ष 2025 की निर्वाचक नामावली में सम्मलित मतदाताओं के विवरण की मैपिंग के संबंध में बैठक आयोजित

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों व मीडिया प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण की एसआईआर की तारीखों की घोषणा कर दी है। 3 नवंबर तक बीएलओ व बूथ लेवल एजेन्टों को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म का वितरण व वापस प्राप्त करने की कार्यवाही की जाएगी। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दावा आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे तथा दावे आपत्तियों के सत्यापन, सुनवाई तथा नोटिस जारी करने की कार्यवाही 31 जनवरी 2026 तक की जाएगी। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
कलेक्टर ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं के गणना फार्म वितरण के दौरान अर्हता तिथि 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई व 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाताओं से फार्म 6 भरवा कर प्राप्त किये जायेंगे। उन्होने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदान केन्द्र पर अधिकतम मतदाता 1200 निर्धारित है। वर्तमान में 1200 से अधिक मतदाता वाले मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण के प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजे जा चुके हैं। संदिग्ध वोटरों की जांच करेगें। 9 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ई.आर.ओ गणना पत्र की जांच कर दावे आपत्ति का निराकरण करेगें। तत्पश्चात 7 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा। कोई भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बीएलए दावे-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
ऐसे मतदाता के नाम तथा उनके माता/ पिता/रिश्तेदार का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेजों में से आवश्यकतानुसार दस्तावेज देने होंगे, जिनमें किसी केंद्रीय राज्य सरकार सार्वजनिक उपक्रम द्वारा नियमित कर्मचारी पेंशनर को जारी पहचान पत्र/ पेंशन भुगतान आदेश, भारत में किसी सरकारी स्थानीय निकाय बैंक डाकघर/एलआईसी सार्वजनिक उपक्रम द्वारा एक जुलाई 1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र/प्रमाण-पत्र/दस्तावेज, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/ एससी/एसटी या अन्य जाति प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ उपलब्ध हो), राज्य/स्थानीय निकाय द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी भूमि मकान आवंटन प्रमाण-पत्र आवश्यकतानुसार दस्तावेज देने होंगे। आधार के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।
बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहन सक्सेना (सीईओ जिला पंचायत), डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।