भोपालमध्य प्रदेश

स्वस्थ जीवन की ओर कदम: नशामुक्ति अभियान का प्रभावी आयोजन  डॉ. मनोज नाहर, चेयरपर्सन, मां नर्मदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के संरक्षण में जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

सोभाग प्रजापती की रिपोर्ट

स्वस्थ जीवन की ओर कदम: नशामुक्ति अभियान का प्रभावी आयोजन

डॉ. मनोज नाहर, चेयरपर्सन, मां नर्मदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के संरक्षण में जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

मां नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद में दिनांक 2 अगस्त 2025, शनिवार को *”स्वस्थ जीवन, नशा मुक्त जीवन”* विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं स्वास्थ्य एवं कल्याण क्लब के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर संस्कारी तरुण वेलफेयर सोसायटी, इंदौर के प्रेरक वक्ता श्री आयुष गोयल एवं समर्पण नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र की प्रभारी श्रीमती दिव्या तायल अपनी टीम के साथ मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मनोज नाहर, चेयरपर्सन, मां नर्मदा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स ने की। महाविद्यालय की निर्देशिका श्रीमती रीना नाहर एवं प्राचार्य डॉ. प्रिया त्रिवेदी की गरिमामयी उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदा की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। तत्पश्चात निर्देशिका श्रीमती रीना नाहर और प्राचार्य डॉ. प्रिया त्रिवेदी ने अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया।

अपने प्रेरणादायक संबोधन में श्री आयुष गोयल ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले सामाजिक, मानसिक और शारीरिक नुकसान के बारे में जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहते हुए अपने आस-पास के लोगों को भी इस बुराई से बचाने के लिए प्रेरित करें।

श्रीमती दिव्या तायल ने विद्यार्थियों को “ना कहना सीखें और हां अपने सपनों को कहें” जैसे प्रेरक संदेशों से संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से पूर्णतः दूर रहने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का सुझाव दिया।

इस अवसर पर श्रीमती रीना नाहर ने “मोबाइल की लत” को आधुनिक युग का एक नया नशा बताया और विद्यार्थियों को इसके विवेकपूर्ण उपयोग हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रोफ़ेसर प्रज्ञा दुबे द्वारा किया गया साथ ही कार्यक्रम के अंत में सह कार्यक्रम अधिकारी रितिक सिंह पटेल द्वारा सभी विद्यार्थियों को *”नशा मुक्ति शपथ”* दिलाई गई। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए किया गया।

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