न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह के तहत शासकीय महाविद्यालय, धरमपुरी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
मध्य प्रदेश धार जिले से जिला ब्यूरो चीफ सौभाग प्रजापति की रिपोर्ट
न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह के तहत शासकीय महाविद्यालय, धरमपुरी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजन
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर एवं माननीय श्री संजीव कुमार अग्रवाल अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धार के मार्गदर्शन में दिनांक 13.11.2025, गुरूवार को न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह के शासकीय महाविद्यालय, धरमपुरी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
न्यायाधीश श्री अनिल चैहान, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धरमपुरी एवं श्री विवेक जैन, न्यायिक मजिस्ट्र्ेट प्रथम श्रेणी, धरमपुरी ने शासकीय महाविद्यालय, धरमपुरी में पहुंचकर विधिक सेवा के सम्बन्ध में जानकारी दी।
न्यायाधीश श्री अनिल चैहान ने कार्यक्रम में बताया कि प्रदेश भर में न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत सभी लोगों को छात्रा़-छात्राओं को विधिक जागरूकता का संदेश देना है, इस तारतम्य में वह विधिक सेवा प्राधिकरण, तहसील धरमपुरी की ओर से उपस्थित हुये हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया है कि भारतीय संविधान में जो प्रस्तावना दे रखी है, उसके अनुसार हम सभी को भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी, लोकतंत्रतात्मक गणराज्य बनाने और नागरिकों को सभी मौलिक अधिकार प्रदान करने के लिये प्रयास करना चाहिये।
संविधान में नागरिकों को जो मौलिक अधिकार दिये हैं, वह प्रत्येक व्यक्ति के विकास के लिये आवश्यक है और मानवीय गरिमा को बनाये रखने के लिये आवश्यक है। संविधान में इसके लिये समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरूद्ध अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार, संस्कृति एवं शैक्षणिक अधिकार, संविधान के उपचार का अधिकार दे रखे हैं।
समानता के अधिकार के अन्तर्गत कानून के समक्ष सभी समान है, सभी न्याय पाने के अधिकारी है। यदि न्याय पाने में किसी को कोई कठिनाई है, तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क विधिक सेवा प्राप्त कर सकता है। ऐसा व्यक्ति जो अनुसूचित जाति, जनजाति का है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है। जातीय अन्य हिंसा से पीड़ित है, औद्योगिक कर्मकार है और जो घरेलू हिंसा से पीड़ित है और जो न्यायिक अभिरक्षा में हैं, वह निःशुल्क विधिक सहायता पाने के अधिकारी है।
निःशुल्क विधिक सेवा में निःशुल्क वकील, कोर्ट फीस, तलवाना, टाईपिंग खर्च, गवाह खर्च आदेश निर्णय की प्रमाणित प्रतिलिपि आदि प्रदान की जायेगी।
कार्यक्रम में यह भी बताया कि विधिक सेवा के अन्तर्गत जो मामले न्यायालय में लम्बित है, उसका निराकरण मध्यस्थ योजना और लोक अदालत के माध्यम से कराये, इसके सम्बन्ध में लोगों को जागरूक करें।
लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत यदि कोई बेड टच करता है, तो शोर मचाकर लोगांे को इकट्ठा करें, माता-पिता को सूचना दें, शिक्षकों से इसकी बात करंें और चाईल्ड लाईन 1098 पर शिकायत करंे, कार्यक्रम में यह भी बताया कि 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के किसी भी बालक को फ्ैक्टरी में मजदूरी के तौर पर नियोजित नहीं किया जायेगा तथा बीड़ी बनाने, सीमेंट कारखाने, कपड़ों की बुनाई, फटाखा बारूद बनाने में काम पर नहीं लगाया जायेगा तथा 14 से 18 वर्ष की उम्र तक के बालक यदि काम करते हैं, तो 6 घण्टे से अधिक काम नहीं कराया जायेगा और रात 10ः00 से सुबह 8ः00 बजे तक कोई कार्य नहीं कराया जायेगा और सप्ताह एक दिन छुट्टी रहेगी, लगातार 4 घण्टे से अधिक कार्य नहीं कराया जायेगा। यदि ऐसा कोई करता है, तो कम से कम 3 माह कारावास और अधिकतक एक वर्ष का कारावास और 20,000/- रूपये तक के अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा, इसके लिये लोगांे को जागरूक करें, लोगों को बतायें।
कार्यक्रम मंे यह भी बताया कि यदि गांव में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण के लिये असमर्थ है, तो कल्याणकारी अधिनियम 2007 के अन्तर्गत ऐसे लोगों को अधिकरण द्वारा 10,000/- रूपये प्रतिमाह भरण पोषण का आदेश दिया जा सकता है, उसके लिये ऐसे लोगांे के आवेदन राज्य द्वारा गठित सामाजिक न्याय विभाग को दिलायें। इस सम्बन्ध में भी लोगों को जागरूक करें।
अंत में न्यायाधीश श्री अनिल चैहान ने यह बताया कि बिना बीमा, लायसेंस से वाहन चलाना दण्डनीय अपराध है साथ ही घायल और मृतक व्यक्ति को मुआवजा दिलाने के सम्बन्ध में बाधा है। अतः बिना लायसेंस, बीमा, परमिट आदि के वाहन न चलाये, इसके सम्बन्ध् ामें लोंगों को जारूरूक करें।
कार्यक्रम में मौजूद श्री विवेक जैन ने द.प्र.सं. की धारा 125, मोटर व्हीकल अधिनियम और अन्य कानूनों के सम्बन्ध में जानकारी दी।
कार्यक्रम के समाप्ति के दौरान न्यायाधीश श्री अनिल चैहान ने सरकार द्वारा चलायी गई निःशुल्क चलायी जाने वाली योजना के बारे में जो बुक हैं, उसको महाविद्यालय के प्राचार्य को देते हुये बताया कि छात्र-छात्राओं को उन योजनाओं के बारे में बताये जो शासन निः‘शुल्क दे रही है, ताकि आमजन उसका लाभ लेंवें।
यह भी बताया कि दिनांक 14.11.2025 को न्यायोत्सव विधिक सप्ताह के अन्तर्गत सुबह 10ः30 बजे न्यायालय धरमपुरी से बाईक रैली भी निकाली जायेगी और आम जन को विधिक जागरूकता का संदेश दिया जायेगा, जिसमें आप उपस्थित होने के लिये सादर आमंत्रित हैं
कार्यक्रम में काॅलेज के प्राचार्य द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में काॅलेज के छात्र-छात्रायें, प्रोफेसर, प्राचार्य आदि उपस्थित रहे हैं।
तद्नुसार न्यायोत्सव विधिक साक्षरता सप्ताह के अन्तर्गत शासकीय महाविद्यालय, धरमपुरी में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न हुआ।