मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में स्ट्रीट वेंडर के लिए अलग से बनाए जायेंगे बाजार

  • निकायों को अलग से स्थान तय करने के लिए दिए गए हैं आदेश, कार्डधारियों को अब कोई नहीं कर सकेगा परेशान…
    भोपाल/प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम।
     प्रदेश के शहरी इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा किए जाने वाले कारोबार की वजह से फुटपाथों व आम रास्तों पर हो रहे अक्रिमण की वजह से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि शहरी इलाकों की सूरत भी बिगड़ रही है। इसकी वजह से अब सरकार उनके कारोबार के लिए स्थान तय करने जा रही है। इसके बाद शहरी इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स कहीं भी फुटपाथ पर बैठकर कारोबार नहीं कर सकेंगे। सरकार द्वारा इसके लिए सभी निकायों को अलग से स्थान तय करने के लिए आदेश जारी किया जा चुका है। इसके बाद वेंडर अपने इलाके में तय किए गए स्थान पर ही कारोबार कर सकेंगे। हालांकि इस योजना के बाद भी लोगों को स्ट्रीट वेंडर्स के अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी इस पर संदेह जताया जा रहा है।
    स्ट्रीट वेंडस को इसके लिए कार्ड भी दिए जा रहे हैं। हालांकि इस मामले में कार्ड तैयार कर उन्हें कारोबार के लिए कर्ज दिलाने के मामले में प्रदेश के पांच जिले फिसड्डी साबित हो रहे हैं। इनमें भिंड, शाजापुर, अनूपपुर, छतरपुर और मुरैना जिले शामिल हैं। इस मामले में अलीराजपुर, निवाड़ी इंदौर, हरदा और मंडला की स्थिति बेहतर बताई जा रही है।
    पहले चरण की स्थिति
  • 09 लाख आवेदन आए 383 निकायों से।
  • 05 लाख 16 हजार को कार्ड दिए गए।
  • 03 लाख 92 हजार आवेदन निरस्त हुए।
  • 02 लाख 62 हजार के ऋण मंजूर, 03 लाख 86 हजार आवेदनों में से।
    दूसरे चरण की स्थिति
    कुल पंजीयन 83377
    कुल अनुमोदन 58832
    सत्यापन के लिए लंबित 19059
    कुल निरस्त 4666
    शहरों को तीन जोन में बांटा जाएगा
    योजना के तहत शहर को तीन जोन में विभाजित किया जाएगा। इसमें रेड जोन में व्यस्ततम मार्केट और भीड़भाड़ वाले इलाके को रखा जाएगा। इस जोन में फुटपाथ पर स्ट्रीट वेंडरों का सामान रख कर कारोबार करना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। एलो जोन में स्ट्रीट वेंडर कारोबार कर सकेंगे, लेकिन जब इन क्षेत्रों में भीड़भाड़ नहीं हो तब। इसके अलावा ग्रीन जोन होगा, जहां उस क्षेत्र के स्ट्रीट वेंडर अपना कारोबार पूरी तरह से कर सकेंगे।
    कार्डधारियों को नहीं करेगा कोई परेशान
    कार्डधारियों को अब कोई परेशान नहीं कर सकेगा। ये स्थायी दुकान लगाकर बेचने के अलावा शहर में भ्रमण करके भी सामान बेच सकेंगे। वे किसी दूसरे राज्य से अगर माल लाते है तो उन्हें माल लाने और ले जाने के लिए कोई रोक-टोक नहीं होगी। स्ट्रीट वेंडर्स के परिवारों को केंद्र की सभी योजनाओं को लाभ देने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम स्तर पर सर्वे का काम किया जा रहा है।

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