भोपालमध्य प्रदेश

माँ नर्मदा महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस भव्य रूप से संपन्न

धार से सौभाग्य प्रजापति की रिपोर्ट

स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर माँ नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद में प्रेरणादायी एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि श्रीमान डॉ. प्रकाश गढ़वाल (एनएसएस ऑफिसर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर),
श्रीमान दर्शन कहार (प्रांत संगठन मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद),

धामनोद क्षेत्र के एनएसएस अधिकारीगण, श्री सौरभ कुशवाह, डॉ. रमेश कुमार रावत, श्री अनूप सक्सेना की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. मनोज नाहर ,चेयरपर्सन एवं रीना नाहर, डायरेक्टर माँ नर्मदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स भी मंचासीन रहे।

कार्यक्रम में डॉ. मनोज नाहर सर ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रनिर्माण का सशक्त आधार हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रकाश गढ़वाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरक शैली है। उन्होंने स्वयंसेवकों से सेवा, समर्पण, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाकर स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।

विशेष अतिथि श्रीमान दर्शन कहार जी ने अपने संबोधन में युवाओं को संगठन, अनुशासन, सेवा भावना एवं राष्ट्रप्रथम के सिद्धांतों पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि जागरूक एवं संगठित युवा ही सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं। कहार जी ने स्वामी विवेकानंद जी के व्यक्तित्व और भारत की सांस्कृतिक धरोहर पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसे स्वामी विवेकानंद जी ने विश्व मंच पर भारत की पहचान बनाई, वैसे ही आज लोकल से वोकल और हिंदी भाषा के सम्मान के माध्यम से भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है। उन्होंने युवाओं से हिंदी सहित अपनी मातृभाषा, परंपराओं और स्वदेशी विचारों को अपनाकर राष्ट्र को सशक्त बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में धामनोद क्षेत्र की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं की एनएसएस टीमों ने सहभागिता की, जिनमें

शासकीय महाविद्यालय, शासकीय विद्यालय, आदर्श कॉलेज

सुयश कंप्यूटर,माँ नर्मदा महाविद्यालय,

की टीमें एवं स्वयंसेवकगण शामिल रहे।

इस अवसर पर एनएसएस के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता एवं एनएसएस सामूहिक गीत प्रतियोगिता आयोजित की गई।

भाषण प्रतियोगिता में आस्था पटेल आदर्श कॉलेज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि माँ नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद की छात्रा अनुष्का ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

एनएसएस गीत प्रतियोगिता में माँ नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद के एनएसएस स्वयंसेवकों ने प्रथम स्थान, वहीं शासकीय महाविद्यालय, के एनएसएस स्वयंसेवकों ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

समापन अवसर पर महाविद्यालय द्वारा मुख्य अतिथि डॉ. प्रकाश गढ़वाल एवं विशेष अतिथि श्रीमान दर्शन कहार जी को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अंत में डॉ. प्रिया त्रिवेदी (प्राचार्य, माँ नर्मदा महाविद्यालय, धामनोद) ने अपने समापन उद्बोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम की रूपरेखा राघवेन्द्र पाटीदार एवं सोनाली कुशवाह (एनएसएस अधिकारी) द्वारा प्रस्तुत की गई, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर अंजलि चौहान एवं राजू हलदार द्वारा किया गया।

समापन सत्र में एनएसएस के अंतर्गत प्रचलित पारंपरिक खेल जैसे रुमाल झपटा एवं सितोलिया आयोजित किए गए, जिनमें स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने आपसी सहयोग, शारीरिक सक्रियता एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *